OPS: पुरानी पेंशन और 8वें वेतन आयोग की मांग पर उठा तूफान, बजट में घोषणा न होने पर देशभर में होगी हड़ताल!

सरकारी कर्मचारी नई पेंशन योजना (NPS) के विरोध में और पुरानी पेंशन योजना (OPS) तथा 8वें वेतन आयोग की मांग कर रहे हैं। इसकी घोषणा यदि आगामी बजट में नहीं की जाती है, तो वे राष्ट्रव्यापी हड़ताल की तैयारी में हैं।

Jan 20, 2024 - 14:31
Jan 20, 2024 - 14:31
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OPS: पुरानी पेंशन और 8वें वेतन आयोग की मांग पर उठा तूफान, बजट में घोषणा न होने पर देशभर में होगी हड़ताल!

सरकार और कर्मचारी संगठनों में तनाव बढ़ा केंद्र सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच इन दिनों खासा तनाव चल रहा है। मुद्दा है पुरानी पेंशन योजना की बहाली और नए वेतन स्केल की मांग। कर्मचारी संगठन अपनी मांगों पर अडिग हैं और सरकार भी अपने रुख पर कायम है। वही कर्मचारी संगठनों ने सरकार को हड़ताल की धमकी दी है। नेशनल ज्वाइंट काउंसिल ऑफ एक्शन के संयोजक शिवगोपाल मिश्रा का कहना है कि अब बातचीत का समय खत्म हो गया है और आगे केवल हड़ताल होगी।

बजट पेश होने का इंतजार

सबकी निगाहें अब एक फरवरी को पेश होने वाले अंतरिम बजट पर टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि सरकार इस बजट में कर्मचारियों की मांगों के बारे में कोई बड़ी घोषणा कर सकती है। फिलहाल, कर्मचारी और सरकार के बीच गतिरोध जारी है। कर्मचारी अपनी मांगों पर अडिग हैं, और सरकार ने भी अब तक उनकी मांगों पर सहानुभूति जताने का कोई संकेत नहीं दिया है।

8वें वेतन आयोग पर सरकार का रुख स्पष्ट, एनपीएस में सुधार पर फोकस

केंद्र सरकार ने नई पेंशन योजना (एनपीएस) में सुधार के लिए एक कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी की रिपोर्ट आने वाले सप्ताह में आने की संभावना है। सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पुरानी पेंशन योजना की बहाली उनके एजेंडे में नहीं है। इस पर विचार भी नहीं किया जा रहा है। वित्त सचिव टीवी सोमनाथन ने बताया है कि 8वें वेतन आयोग के गठन पर सरकार किसी तरह की चर्चा नहीं कर रही है।

सोमनाथन ने कहा, कि सभी संबंधित पक्षों के साथ विचार-विमर्श पूरा किया जा चुका है और रिपोर्ट जल्द सौंपी जाएगी। सूत्रों का कहना है कि केंद्र सरकार, एनपीएस में कई तरह के बदलाव कर उसे अधिक आकर्षक बना सकती है। इसमें कर्मचारियों को उनके अंतिम वेतन का 40 से 45 प्रतिशत हिस्सा पेंशन के रूप में देने की बात शामिल हो सकती है। हालांकि, ओपीएस के तहत मिलने वाले अन्य लाभों पर अभी कोई स्पष्टता नहीं है।

भारतीय सरकारी कर्मचारियों के बीच पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली को लेकर व्यापक असंतोष और आंदोलन का माहौल है। केंद्र सरकार द्वारा नई पेंशन योजना (एनपीएस) को लागू किए जाने के बाद से, कई सरकारी कर्मचारी संगठन इसके विरोध में हैं। उनका मानना है कि एनपीएस अनिश्चितता और जोखिम से भरी हुई है, और इसमें वह सुरक्षा और गारंटी नहीं है जो पुरानी पेंशन योजना में थी।

अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए कर्मचारी एकमत

इस मुद्दे पर शिवगोपाल मिश्रा और सी. श्रीकुमार जैसे प्रमुख नेताओं ने अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि अगर केंद्र सरकार ओपीएस को फिर से लागू नहीं करती है, तो इसका बड़ा राजनीतिक परिणाम हो सकता है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इससे आगामी चुनावों में भाजपा को नुकसान हो सकता है।

कर्मचारी संगठनों ने इस मुद्दे पर अपनी एकजुटता दिखाई है और अनिश्चितकालीन हड़ताल की योजना बनाई है। इस हड़ताल से रेलवे और बस सेवाओं सहित सरकारी कार्यालयों में कामकाज पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

इस संघर्ष में, कर्मचारी संगठनों की मांग है कि सरकार उनकी चिंताओं पर ध्यान दे और ओपीएस को फिर से लागू करे। उनका मानना है कि यह केवल उनके लिए ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण सरकारी सेवा के लिए बेहतर होगा। इस मुद्दे पर आगे क्या होता है, यह देखना अभी बाकी है।

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